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India vs Thailand Women's Asia Cup: Shafali के तूफान के बाद बल्लेबाज़ी में हुआ पतन

August 31, 2026 · Rohit kumar

 

India vs Thailand Women's Asia Cup: Shafali के तूफान के बाद बल्लेबाज़ी में हुआ पतन


शेफाली का तूफान, फिर लड़खड़ाहट, आखिर में गेंदबाज़ों ने संभाली बाज़ी — भारत ने थाईलैंड को रौंदा

महिला एशिया कप 2026 का आगाज़ भारतीय टीम के लिए एक ऐसे मुकाबले से हुआ, जिसमें रोमांच, दबदबा और थोड़ी घबराहट — तीनों का अनोखा मिश्रण देखने को मिला। दुबई में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने थाईलैंड को 94 रनों के बड़े अंतर से हराकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की, लेकिन यह जीत जितनी आसान दिखती है, रास्ता उतना सीधा नहीं था।

टॉस और शुरुआती फैसला

दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस ग्रुप ए मुकाबले में टॉस जीतकर थाईलैंड ने पहले भारत को बल्लेबाज़ी के लिए बुलाया। यह फैसला शुरुआत में थोड़ा हैरान करने वाला लगा, खासकर जब यह ध्यान में रखा जाए कि इस मैदान पर हाल ही में खेले गए मुकाबलों में पहले बल्लेबाज़ी करने वाली टीम को फायदा मिलता दिखा था।

शेफाली वर्मा का तूफानी अंदाज़

भारतीय पारी की शुरुआत होते ही यह साफ हो गया कि टीम आक्रामक इरादों के साथ मैदान में उतरी है। स्मृति मंधाना ने पहले ही ओवर में तीन चौकों के साथ तेज़ शुरुआत की, लेकिन असली तूफान तो शेफाली वर्मा के बल्ले से आना बाकी था।

शेफाली ने बाएं हाथ की स्पिनर थिपत्चा पुत्थावोंग की जमकर धुनाई की, उनके पहले दो ओवरों में ही दो-दो चौके जड़ डाले। पावरप्ले के अंदर ही उन्होंने 17 गेंदों पर 33 रन बना डाले, जिससे भारतीय पारी को शुरुआत से ही ज़बरदस्त गति मिली। हालांकि इसी दौरान मंधाना रन आउट हो गईं, लेकिन इसका शेफाली की लय पर कोई खास असर नहीं पड़ा।

अपने T20I डेब्यू मैच में उतरी प्रतीका रावल के साथ मिलकर शेफाली ने दूसरे विकेट के लिए 53 रनों की अहम साझेदारी निभाई। मैदान खुलने के बाद शेफाली ने बड़ी समझदारी से अपने शॉट्स चुने, दबाव बनाए रखा, और जब गेंदबाज़ों को पिच से मदद मिल रही थी, तो धैर्य से खेलती रहीं। एक बड़े शॉट में उन्होंने लेगस्पिनर सुलीपोर्न लाओमी को वाइड लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से मैदान से बाहर भेज दिया, और सिर्फ 26 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया — यह उनके करियर का 19वां T20I फिफ्टी था।

अचानक आई गिरावट

8.5 ओवर में 91 रन पर एक विकेट के स्कोर के साथ भारत 200 के पार जाता दिख रहा था। लेकिन क्रिकेट का यही मज़ा भी है और चुनौती भी — कुछ ही देर में पूरी तस्वीर बदल गई। लेगस्पिनर सुलीपोर्न लाओमी ने अपनी शानदार गेंदबाज़ी से भारतीय बल्लेबाज़ी क्रम को झकझोर कर रख दिया।

देखते ही देखते भारत ने सिर्फ 29 रनों के अंदर सात विकेट गंवा दिए। यह गिरावट इतनी अचानक और तेज़ थी कि कुछ देर पहले तक 200 के पार जाने का सपना देख रही टीम इंडिया अब सिर्फ अपनी पारी को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की जद्दोजहद में उलझ गई। आखिरकार, एक देर से हुए संघर्ष के बाद टीम किसी तरह 159 रन नौ विकेट तक पहुंच पाई। लाओमी ने अपने शानदार प्रदर्शन में तीन विकेट झटके, जो थाईलैंड की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

गेंदबाज़ों ने संभाला मोर्चा

अगर बल्लेबाज़ी में यह उतार-चढ़ाव भरा दिन रहा, तो गेंदबाज़ी में भारतीय टीम ने कोई कसर नहीं छोड़ी। थाईलैंड की टीम अपनी पारी में सिर्फ 65 रन पर ही सिमट गई, जिससे भारत को 94 रनों की शानदार जीत मिली।

थाईलैंड की तरफ से कोंचारोएनकई ने 41 रनों की पारी खेली, जो टीम की सबसे बड़ी उपलब्धि रही, लेकिन बाकी बल्लेबाज़ी क्रम भारतीय गेंदबाज़ों के सामने पूरी तरह बेबस नज़र आया। दीप्ति शर्मा ने बिना कोई रन दिए तीन विकेट झटके, जबकि नंदिनी शर्मा ने भी तीन विकेट अपने नाम किए, जिससे थाईलैंड की पारी बुरी तरह लड़खड़ा गई।

एक मिश्रित प्रदर्शन, फिर भी बड़ी जीत

इस मुकाबले को देखकर एक बात साफ हो जाती है — भारतीय टीम ने भले ही आसानी से जीत हासिल की हो, लेकिन बल्लेबाज़ी में जो अस्थिरता देखने को मिली, वो आगे के मुकाबलों के लिए एक चेतावनी की तरह भी है। शुरुआती दबदबे के बावजूद बीच के ओवरों में सात विकेट गंवाना यह दिखाता है कि टीम को अभी अपनी बल्लेबाज़ी क्रम में और स्थिरता लाने की ज़रूरत है।

भारत की हालिया T20 फॉर्म को लेकर चिंता

दिलचस्प बात यह है कि भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में फेवरेट के तौर पर उतरी है, लेकिन हाल के समय में टीम का T20I फॉर्म कुछ खास उत्साहजनक नहीं रहा। 2026 में अब तक खेले गए 16 मुकाबलों में टीम को सिर्फ सात में जीत मिली है, और हाल ही में महिला T20 वर्ल्ड कप में भी टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी। यह कमज़ोरी सिर्फ इसी साल तक सीमित नहीं है — 2024 T20 वर्ल्ड कप में भी टीम ग्रुप स्टेज में बाहर हुई थी, और उसी साल महिला एशिया कप के फाइनल में श्रीलंका के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

हालांकि हेड कोच अमोल मुज़ुमदार ने भरोसा जताया है कि टीम "कुछ टूर्नामेंट जीतने के लिए बेताब है," लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम के सामने आगे की राह आसान नहीं दिख रही, खासकर जब टीम के पास वनडे और टेस्ट में मिली सफलता को छोटे फॉर्मेट में भी दोहराने की चुनौती है।

आगे की राह

इस जीत के साथ भारत ने अपने एशिया कप अभियान की मज़बूत शुरुआत तो कर ली है, लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी है। जिस तरह से बीच के ओवरों में टीम लड़खड़ाई, अगर यही कमज़ोरी आगे के मुकाबलों में मज़बूत टीमों के खिलाफ सामने आई, तो नतीजे अलग भी हो सकते हैं। टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों को इस जीत के जश्न के साथ-साथ इन कमज़ोरियों पर भी गंभीरता से काम करना होगा।

फिलहाल के लिए, शेफाली वर्मा की तूफानी शुरुआत, प्रतीका रावल का सफल डेब्यू, और गेंदबाज़ों का दमदार प्रदर्शन — ये तीनों बातें भारतीय फैंस के लिए राहत की खबर हैं। लेकिन टूर्नामेंट अभी लंबा है, और असली चुनौतियां आगे इंतज़ार कर रही हैं।