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India vs Hong Kong Women's Asia Cup: Mandhana के शतक ने रचा इतिहास

September 04, 2026 · Rohit kumar

 



मंधाना का ऐतिहासिक शतक, तोड़ा मिताली का रिकॉर्ड — भारत ने हॉन्ग कॉन्ग को रौंदकर बनाई सेमीफाइनल की राह

महिला एशिया कप 2026 में भारतीय टीम का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। दुबई में खेले गए सातवें मुकाबले में भारत ने हॉन्ग कॉन्ग, चाइना को 137 रनों के बड़े अंतर से रौंद दिया, लेकिन इस मैच की सबसे बड़ी कहानी रही स्मृति मंधाना की ऐतिहासिक पारी, जिसने न सिर्फ शतक पूरा किया, बल्कि एक साथ कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए।

टॉस और शुरुआती फैसला

हॉन्ग कॉन्ग की कप्तान नताशा माइल्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला लिया। टॉस के बाद उन्होंने साफ कहा कि उनकी योजना भारत को 150 रनों के अंदर रोकने की थी, और चूंकि उन्हें अपनी बल्लेबाज़ी लाइनअप के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं थी, इसलिए पहले गेंदबाज़ी करना उन्हें बेहतर विकल्प लगा।

दूसरी तरफ भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी माना कि वो भी इन परिस्थितियों में पहले बल्लेबाज़ी करना चाहती थीं, लेकिन उनके मन में कोई तय स्कोर नहीं था — टीम का इरादा सिर्फ अपनी ताकत पर खेलने का था।

शुरुआत में संघर्ष, फिर मंधाना का धमाका

भारतीय पारी की शुरुआत कुछ खास उत्साहजनक नहीं रही। पहले पांच ओवरों में टीम ने बिना विकेट खोए सिर्फ 38 रन बनाए, जो न तो ज़्यादा चिंताजनक था और न ही बहुत दबदबे वाला। ज़्यादातर स्ट्राइक स्मृति मंधाना के पास ही रही, जबकि शेफाली वर्मा ने पहले पांच ओवरों में सिर्फ छह गेंदें ही खेलीं। हॉन्ग कॉन्ग की टीम इस धीमी शुरुआत से खुश नज़र आ रही थी, क्योंकि उन्होंने रन गति पर अच्छा नियंत्रण बनाए रखा था।

लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, मंधाना ने रफ्तार पकड़नी शुरू की। उनकी अगली फिफ्टी सिर्फ 18 गेंदों में पूरी हुई, जो उनकी आक्रामकता का साफ संकेत था। 16वें ओवर में सिउ वाई की गेंद पर डीप स्क्वायर लेग पर एक कैच छूटने से उन्हें जीवनदान भी मिला, लेकिन इसके बाद उन्होंने कोई रहम नहीं दिखाया।

शतक के साथ बना इतिहास

शतक पूरा करने के तुरंत बाद मंधाना और भी आक्रामक हो गईं। 18वें ओवर में उन्होंने वेंकटेश की गेंदों पर लगातार तीन छक्के जड़ दिए। इसी ओवर में उन्होंने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की — उन्होंने मिताली राज का महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इतना ही नहीं, यह शतक उनके करियर का इतना अहम पड़ाव साबित हुआ कि उन्होंने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज़्यादा शतक लगाने वालों की सूची में भी सबसे ऊपर जगह बना ली।

एक ही पारी में इतने सारे बड़े रिकॉर्ड टूटना किसी भी खिलाड़ी के लिए एक असाधारण उपलब्धि है, और यही वजह है कि इस मैच को क्रिकेट फैंस लंबे समय तक याद रखेंगे।

भारत की मज़बूत फिनिशिंग

मंधाना की शानदार पारी की बदौलत भारतीय पारी के दूसरे हाफ में टीम ने 107 रन जोड़े, भले ही इस दौरान कुछ विकेट भी गिरे। आखिरकार भारत ने अपने 20 ओवरों में 5 विकेट पर 193 रनों का मज़बूत स्कोर खड़ा किया, जो हॉन्ग कॉन्ग जैसी टीम के लिए चेज़ करना लगभग नामुमकिन जैसा लक्ष्य था।

इस पूरे प्रदर्शन के लिए स्मृति मंधाना को मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया, जो उनकी इस ऐतिहासिक पारी को देखते हुए बिल्कुल स्वाभाविक फैसला था।

हॉन्ग कॉन्ग की बल्लेबाज़ी बुरी तरह ढही

193 रनों के भारी लक्ष्य का पीछा करते हुए हॉन्ग कॉन्ग की टीम शुरुआत से ही दबाव में नज़र आई। थाईलैंड के खिलाफ पिछले मैच में तीन विकेट लेकर आईं नंदिनी शर्मा ने एक बार फिर नई गेंद के साथ बेहतरीन लाइन और लेंथ बनाए रखी, जिससे हॉन्ग कॉन्ग सिर्फ चार ओवरों में 4 रन पर 1 विकेट गंवाकर संघर्ष करती नज़र आई।

टीम की सबसे अनुभवी बल्लेबाज़ों में से एक मारिको हिल का विकेट भी जल्दी गिर गया, जो लगातार तीन आउटस्विंगर गेंदों के बाद एक शानदार इन-डकर पर बोल्ड हुईं। इसके बाद हॉन्ग कॉन्ग की टीम पूरी तरह लड़खड़ा गई और आखिरी पांच विकेट सिर्फ 11 गेंदों के अंदर गंवा बैठी, जिससे टीम 54 रन 5 विकेट से सीधे 56 रन पर ऑलआउट हो गई।

भारी अंतर से मिली जीत

अंत में भारत ने यह मुकाबला 137 रनों के विशाल अंतर से अपने नाम किया — यह अंतर खुद मंधाना के अकेले बनाए गए रनों से भी 13 रन ज़्यादा था, जो उनकी पारी की अहमियत को और भी स्पष्ट कर देता है। यह हॉन्ग कॉन्ग के लिए टूर्नामेंट में लगातार दूसरी हार रही, जिसके बाद अब अगले दौर में जगह बनाने की उनकी उम्मीदें पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं। टीम के पास अब सिर्फ अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए खेलने का मौका बचा है।

भारत के लिए सेमीफाइनल का रास्ता हुआ आसान

इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति को और मज़बूत कर लिया है, और सेमीफाइनल तक का सफर अब कहीं ज़्यादा आसान नज़र आ रहा है। गेंदबाज़ी में भी टीम का प्रदर्शन बेहद संतुलित रहा, नंदिनी शर्मा के अलावा श्री चरणी और क्रांति गौड़ ने भी अच्छी फॉर्म दिखाई।

एक यादगार दिन, एक ऐतिहासिक पारी

स्मृति मंधाना के लिए यह दिन निजी तौर पर भी बेहद खास रहा। मिताली राज जैसी दिग्गज खिलाड़ी का रिकॉर्ड तोड़ना, और साथ ही महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज़्यादा शतकों की सूची में शीर्ष पर पहुंचना — यह उपलब्धियां किसी भी खिलाड़ी के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाती हैं। यह पारी सिर्फ एक मैच जिताने वाली नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाली साबित हुई।

आगे क्या

इस जीत के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास और भी बुलंद हो गया है। टूर्नामेंट के आगे के मुकाबलों में टीम अपनी इसी लय को बरकरार रखने की कोशिश करेगी, ताकि खिताब की दौड़ में मज़बूती से आगे बढ़ा जा सके। फैंस की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या मंधाना अपनी इस शानदार फॉर्म को आने वाले मुकाबलों में भी जारी रख पाती हैं, और क्या टीम इंडिया इस बार एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम कर पाती है।