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Oracle Layoffs 2026: AI के नाम पर एक और बड़ी छंटनी की तैयारी

September 01, 2026 · Rohit kumar

 

Oracle Layoffs 2026: AI के नाम पर एक और बड़ी छंटनी की तैयारी


AI के नाम पर एक और छंटनी! Oracle में फिर मंडराया हज़ारों नौकरियों पर खतरा

टेक इंडस्ट्री में इस साल छंटनियों का जो सिलसिला चल रहा है, उसमें अब एक और बड़ा नाम जुड़ने वाला है — Oracle। दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में गिनी जाने वाली Oracle, जो पहले ही अपने कर्मचारियों की एक बड़ी संख्या घटा चुकी है, अब एक और राउंड की छंटनी की तैयारी में है, और इसकी सबसे बड़ी वजह बताई जा रही है — कंपनी का भारी-भरकम AI इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश।

आखिर हो क्या रहा है

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Oracle अगस्त 2026 में एक नई छंटनी की योजना बना रही है, क्योंकि कंपनी अपने AI डेटा सेंटर के विस्तार को फंड करने के लिए अरबों डॉलर का कर्ज़ ले रही है। कुछ टीमों में यह कटौती दहाई अंकों के प्रतिशत तक हो सकती है। कंपनी ने अपने मैनेजरों को यह पहचानने के लिए कहा है कि कौन से कर्मचारी इस कटौती से प्रभावित होंगे, और इसका लक्ष्य है 1 सितंबर से पहले, यानी कंपनी की दूसरी वित्तीय तिमाही शुरू होने से पहले, अपने पेरोल में कटौती करना।

हालांकि Oracle ने इस पर आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, लेकिन इंडस्ट्री सूत्रों और आंतरिक दस्तावेज़ों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।

पहले से ही हो चुकी है भारी कटौती

यह कोई पहली बार नहीं है जब Oracle में इतने बड़े पैमाने पर छंटनी हो रही हो। कंपनी अपने पिछले वित्तीय वर्ष में ही, जो 31 मई को खत्म हुआ, करीब 21,000 कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है — यह उसके कुल कर्मचारियों का लगभग 13 प्रतिशत हिस्सा था। इस कटौती के बाद कंपनी का कुल कर्मचारी आधार करीब 1,41,000 तक सिमट गया, जो एक साल पहले लगभग 1,62,000 था।

कुछ रिपोर्ट्स में तो यह आंकड़ा और भी बड़ा बताया गया है — मार्च 2026 में हुई एक अन्य छंटनी में करीब 20,000 से 30,000 तक कर्मचारी प्रभावित हुए होने का अनुमान लगाया गया है, जो कंपनी के कुल वर्कफोर्स का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा बैठता है।

AI को बताया जा रहा है मुख्य वजह

अपनी वार्षिक नियामक फाइलिंग में Oracle ने साफ तौर पर कहा है कि उसके पूरे कामकाज में AI तकनीकों को अपनाने और उनका इस्तेमाल करने की वजह से कर्मचारियों की संख्या में कमी आई है, और आगे भी ऐसा हो सकता है। कंपनी ने इस पूरी प्रक्रिया को अपना "2026 रीस्ट्रक्चरिंग प्लान" नाम दिया है, जिसके तहत इस साल के लिए 1.8 अरब डॉलर की रीस्ट्रक्चरिंग लागत दर्ज की गई है, और कुल अनुमानित लागत 2.1 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है।

असली वजह सिर्फ AI ही नहीं, भारी खर्च भी है

हालांकि AI को इस पूरी कटौती की वजह बताया जा रहा है, लेकिन कंपनी के वित्तीय आंकड़े कुछ और भी कहानी बयां करते हैं। Oracle ने अपने AI इन्फ्रास्ट्रक्चर के विशाल विस्तार के लिए भारी निवेश करने का फैसला किया है, जिसका बोझ उसकी मौजूदा बैलेंस शीट पर साफ नज़र आ रहा है।

वित्तीय वर्ष 2026 के लिए कंपनी का पूंजीगत खर्च करीब 55.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल के 21.2 अरब डॉलर के मुकाबले कहीं ज़्यादा है। इतना भारी खर्च करने के बाद कंपनी को 23.7 अरब डॉलर का नकद बहिर्वाह झेलना पड़ा, यानी उसने कमाई से कहीं ज़्यादा खर्च कर डाला। इस अंतर को पाटने के लिए कंपनी ने डेट मार्केट से 43 अरब डॉलर जुटाए और शेयर बेचकर 5 अरब डॉलर और हासिल किए। आने वाले साल में भी कंपनी को कर्ज़ और शेयर बिक्री के ज़रिए करीब 40 अरब डॉलर और जुटाने की उम्मीद है।

दिलचस्प बात यह है कि यह सारा भारी-भरकम निवेश किसी कमज़ोर मांग की वजह से नहीं हो रहा — बल्कि इसके उलट, कंपनी की भविष्य की परफॉर्मेंस ऑब्लिगेशन्स (यानी आने वाले समय में मिलने वाला अनुबंधित रेवेन्यू) पिछले साल के मुकाबले 325 प्रतिशत बढ़कर 553 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है, जिसमें OpenAI के साथ हुई करीब 300 अरब डॉलर की पांच साल की एक बड़ी कंप्यूट डील भी शामिल है। असली समस्या यह है कि इतनी बड़ी मांग को पूरा करने के लिए डेटा सेंटर बनाने की लागत, कमाई से भी कहीं ज़्यादा हो रही है।

कर्मचारियों पर क्या बीत रही है

छंटनी की इन खबरों का सबसे गहरा असर उन कर्मचारियों पर पड़ रहा है, जो इस पूरी प्रक्रिया के केंद्र में हैं। कर्मचारियों के अनुभव साझा करने वाले प्लेटफॉर्म Blind पर कई मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों ने अपनी पीड़ा और नाराज़गी ज़ाहिर की है। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें अपने प्रदर्शन रेटिंग्स की परवाह किए बिना सिर्फ 10 दिनों का नोटिस दिया गया, जबकि वॉशिंगटन राज्य जैसे कुछ इलाकों में कर्मचारियों को 60 दिनों का नोटिस मिला।

एक बेहद भावुक कर देने वाली घटना में यह भी सामने आया कि कंपनी के सबसे शुरुआती कर्मचारियों में से एक, जो 40 साल से भी ज़्यादा समय से Oracle से जुड़े हुए थे, उन्हें भी इस छंटनी का सामना करना पड़ा। इससे साफ है कि इतनी लंबी कंपनी वफादारी भी नौकरी की सुरक्षा की गारंटी नहीं दे पा रही।

पिछली छंटनी के दौरान कर्मचारियों को सुबह छह बजे एक ईमेल के ज़रिए इसकी जानकारी दी गई थी, जिस पर "Oracle लीडरशिप" के हस्ताक्षर थे। कुछ ही घंटों में यह खबर LinkedIn पर तेज़ी से फैल गई, ज़्यादातर खुद प्रभावित कर्मचारियों की पोस्ट्स के ज़रिए।

पूरी टेक इंडस्ट्री में दिख रहा है यह ट्रेंड

Oracle अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जो AI के नाम पर बड़े पैमाने पर छंटनी कर रही है। यह एक बड़े इंडस्ट्री ट्रेंड का हिस्सा है, जहां कई बड़ी टेक कंपनियां AI तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ अपने वर्कफोर्स में कटौती कर रही हैं। हालांकि हर कंपनी की रणनीति थोड़ी अलग है — जहां Oracle का मामला AI इन्फ्रास्ट्रक्चर को फंड करने के लिए कटौती जैसा दिखता है, वहीं कुछ अन्य कंपनियां अनुभवी कर्मचारियों की जगह नए, कम अनुभव वाले या अलग भौगोलिक क्षेत्रों के कर्मचारियों को प्राथमिकता दे रही हैं।

आगे क्या

फिलहाल Oracle ने न तो पहले की छंटनी की सही संख्या आधिकारिक तौर पर बताई है, और न ही आने वाली नई छंटनी की पुष्टि की है। लेकिन कंपनी के वित्तीय आंकड़े और लगातार बढ़ता निवेश यह साफ संकेत देते हैं कि आने वाले समय में भी ऐसी कटौतियां जारी रह सकती हैं, जब तक कंपनी अपने भारी AI निवेश और कमाई के बीच संतुलन नहीं बना लेती।

यह पूरी स्थिति एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है — क्या AI तकनीक सच में कर्मचारियों की जगह ले रही है, या यह सिर्फ भारी वित्तीय दबाव को छुपाने के लिए एक सुविधाजनक बहाना बन गई है। जो भी हो, इतना तय है कि इस पूरे बदलाव का सबसे बड़ा असर उन हज़ारों कर्मचारियों पर पड़ रहा है, जिनकी नौकरियां इस बड़े कॉर्पोरेट फैसले की भेंट चढ़ रही हैं।